CIBIL Score कैसे बढ़ाएं? 9 आसान तरीके, कितने दिन में सुधार दिखेगा (2026)

CIBIL Score कैसे बढ़ाएं? 9 आसान तरीके, कितने दिन में सुधार दिखेगा (2026)

लोन बार-बार रिजेक्ट हो रहा है या ब्याज ज़्यादा माँगा जा रहा है? इसकी बड़ी वजह कम CIBIL स्कोर हो सकता है। स्कोर कोई जादू से नहीं बढ़ता, पर सही आदतों से कुछ महीनों में अच्छा सुधार दिख सकता है। इस लेख में जानिए CIBIL score कैसे बढ़ाएं – 9 आसान और सच्चे तरीके।

पहले अपना स्कोर देख लें – तरीका यहाँ: CIBIL Score कैसे चेक करें?

स्कोर किन बातों से बनता है?

बात असर
भुगतान का इतिहास (EMI/बिल समय पर) सबसे ज़्यादा
क्रेडिट कार्ड की लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल ज़्यादा
क्रेडिट इतिहास कितना पुराना मध्यम
लोन का मेल (सिक्योर्ड जैसे होम/गोल्ड लोन, अनसिक्योर्ड जैसे पर्सनल लोन/कार्ड) मध्यम
हाल में कितनी बार लोन/कार्ड के लिए आवेदन कम-मध्यम

हर ब्यूरो का हिसाब अपना है, पर ये बातें लगभग सब जगह मायने रखती हैं।

CIBIL स्कोर बढ़ाने के 9 तरीके

1. हर EMI और बिल समय पर भरें

एक भी देर से भरी EMI स्कोर पर असर डालती है। बैंक खाते में ऑटो-डेबिट (e-NACH) लगा दें और EMI की तारीख़ से 2–3 दिन पहले खाते में पैसा रखें।

2. क्रेडिट कार्ड की लिमिट का 30% से कम इस्तेमाल

₹50,000 लिमिट वाले कार्ड पर हर महीने ₹15,000 से कम ख़र्च रखने की कोशिश करें। पूरी लिमिट भर देना “पैसे की तंगी” का संकेत माना जाता है।

3. क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल भरें, सिर्फ़ “Minimum Due” नहीं

Minimum due भरने से लेट फ़ीस तो बचती है, पर बाकी रक़म पर भारी ब्याज लगता है और कर्ज़ बढ़ता जाता है।

4. पुराने बकाया पहले चुकाएं

अगर कोई EMI या कार्ड बिल पहले से बकाया (overdue) है, तो सबसे पहले उसे चुकाएं। जब तक बकाया रहेगा, स्कोर सुधरना मुश्किल है।

5. “Settled” की जगह “Closed” करवाएं

लोन “सेटल” करवाने (कम रक़म देकर मामला ख़त्म करने) से रिपोर्ट में “Settled” लिखा जाता है, जिसे बैंक अच्छा नहीं मानते। हो सके तो बाकी रक़म चुकाकर बैंक से खाता “Closed” करवाएं और NOC लें।

6. कम समय में कई आवेदन न करें

हर लोन/कार्ड आवेदन पर बैंक आपकी रिपोर्ट जाँचता है (हार्ड इन्क्वायरी)। महीने में 3–4 जगह आवेदन करना स्कोर घटा सकता है। “Pre-approved” ऑफ़र पर भी सोच-समझकर ही आवेदन करें।

7. रिपोर्ट में गलती हो तो सुधरवाएं

साल में एक बार पूरी रिपोर्ट मुफ़्त मिलती है। उसमें ये देखें:

  • कोई ऐसा लोन या कार्ड जो आपने लिया ही नहीं
  • चुका दिया गया लोन अब भी “Active” दिख रहा हो
  • नाम, जन्मतिथि, PAN की गलती

गलती मिले तो उसी ब्यूरो की वेबसाइट पर “Dispute” दर्ज करें और बैंक को भी लिखें। RBI के नियमों के अनुसार ब्यूरो और बैंक को तय समय में शिकायत का हल करना होता है।

8. पुराना अच्छा कार्ड बंद न करें

सबसे पुराना कार्ड जिसका भुगतान हमेशा समय पर रहा है, आपका “क्रेडिट इतिहास” लंबा दिखाता है। सालाना फ़ीस न हो तो उसे चालू रखें और कभी-कभी छोटा ख़र्च करके पूरा भुगतान करें।

9. स्कोर नहीं है तो ऐसे शुरुआत करें

कभी लोन नहीं लिया तो स्कोर “NA” या “-1” दिखता है। शुरुआत के लिए:

  • FD के बदले क्रेडिट कार्ड (Secured credit card) – कई बैंक FD रखकर कार्ड देते हैं।
  • छोटा ख़र्च करें और हर महीने पूरा बिल समय पर भरें।
  • 6–12 महीने में स्कोर बनने लगता है।

स्कोर बढ़ने में कितना समय लगता है?

2025 से बैंक हर 15 दिन में जानकारी ब्यूरो को भेजते हैं, इसलिए अच्छे भुगतान का असर पहले से जल्दी दिखता है। फिर भी:

  • छोटी गलती (जैसे एक लेट भुगतान) के बाद सुधार: लगभग 3–6 महीने नियमित भुगतान
  • सेटलमेंट या लंबे बकाया के बाद: 1 साल या ज़्यादा भी लग सकता है

ये सिर्फ़ आम अंदाज़े हैं, हर व्यक्ति का मामला अलग होता है।

सावधान: “स्कोर ठीक करवाने” वाली ठगी

  • “₹1,999 दो, 7 दिन में CIBIL 800 कर देंगे” – ऐसा कोई क़ानूनी शॉर्टकट नहीं है।
  • कोई एजेंट “रिपोर्ट से नाम हटवा देंगे” कहकर पैसा या OTP माँगे, तो वह ठग है।
  • गलती सुधारने का काम आप ख़ुद ब्यूरो की वेबसाइट पर मुफ़्त कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या गोल्ड लोन से CIBIL स्कोर बढ़ता है?

गोल्ड लोन भी रिपोर्ट में आता है। उसे समय पर चुकाने से अच्छा इतिहास बनता है, पर सिर्फ़ इसके लिए लोन लेना ज़रूरी नहीं।

क्या स्कोर देखने से वह घटता है?

नहीं। ख़ुद स्कोर देखना “सॉफ़्ट इन्क्वायरी” है और इससे कोई असर नहीं पड़ता।

किसी और के लोन में गारंटर हूँ, असर पड़ेगा?

हाँ। मुख्य व्यक्ति भुगतान न करे तो गारंटर के स्कोर पर भी असर पड़ सकता है। गारंटर सोच-समझकर बनें।

निष्कर्ष

CIBIL स्कोर बढ़ाने का सीधा रास्ता है: हर भुगतान समय पर, कार्ड का कम इस्तेमाल, कम आवेदन और रिपोर्ट की गलतियाँ सुधारना। धैर्य रखें – सही आदतें कुछ महीनों में फ़र्क दिखाने लगती हैं।

नोट: यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं। लोन या कार्ड का फ़ैसला अपनी स्थिति देखकर और बैंक से शर्तें समझकर लें। 15 दिन वाले नियम का स्रोत: Business Standard। जानकारी 28 अक्टूबर 2026 तक की है।

सुबोध कुमार

लेखक: सुबोध कुमार

कंप्यूटर, AI, मोबाइल और ऑनलाइन सुरक्षा पर आसान हिंदी में लिखते हैं। रोज़ के काम आने वाली बातें, जाँची-परखी जानकारी के साथ। मेरे बारे में · मुफ़्त टूल · Facebook

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