दिवाली ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड से कैसे बचें? 8 आम ठगी और बचाव के तरीके (2026)

दिवाली ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड से कैसे बचें? 8 आम ठगी और बचाव के तरीके (2026)

दिवाली पर सेल, ऑफ़र और गिफ़्ट की भीड़ में ठग भी सबसे ज़्यादा सक्रिय होते हैं। “90% छूट”, “आपका पार्सल अटका है” या “दिवाली लकी ड्रॉ में iPhone जीता” – ऐसे मैसेज इसी मौसम में बढ़ जाते हैं। इस लेख में जानिए 8 आम ठगी, उन्हें कैसे पहचानें और online shopping fraud से कैसे बचें।

1. नकली सेल वेबसाइट

सोशल मीडिया विज्ञापन में मशहूर ब्रांड का सामान आधे से भी कम दाम पर दिखता है। लिंक खोलने पर वेबसाइट असली जैसी लगती है, पर पैसे देने के बाद सामान नहीं आता।

बचाव:

  • वेबसाइट का पता ध्यान से पढ़ें – असली नाम में छोटा-सा बदलाव (जैसे एक अक्षर ज़्यादा) ठगी का संकेत है।
  • सिर्फ़ जानी-मानी वेबसाइट या ऐप से ख़रीदें, विज्ञापन के लिंक से नहीं – ऐप ख़ुद खोलकर सामान खोजें।
  • बहुत ज़्यादा छूट + “सिर्फ़ 10 मिनट बाकी” = सावधान हो जाएं।

2. “पार्सल अटका है” वाले SMS और कॉल

“आपका पार्सल पता अधूरा होने से रुका है, ₹25 देकर अपडेट करें” – लिंक खोलते ही कार्ड या UPI की जानकारी माँगी जाती है।

बचाव: डिलीवरी की स्थिति हमेशा उसी ऐप में देखें जहाँ से ख़रीदा था। कूरियर कंपनी SMS लिंक से पैसे नहीं माँगती।

3. डिलीवरी के समय OTP माँगना

कोई “डिलीवरी बॉय” बनकर कॉल करे और कहे “ऑर्डर कैंसल/रिटर्न के लिए OTP बताइए” – यह OTP आपके बैंक का भी हो सकता है।

बचाव: OTP देने से पहले मैसेज पूरा पढ़ें। अगर उसमें पैसे भेजने, बैंक या UPI की बात है, तो वह OTP किसी को न दें।

4. “पैसे लेने के लिए QR स्कैन करें”

OLX या Facebook पर पुराना सामान बेचते समय “ख़रीदार” QR कोड भेजता है और कहता है “स्कैन करके PIN डालो, पैसा आ जाएगा।”

याद रखें: पैसे लेने के लिए कभी QR स्कैन या UPI PIN डालने की ज़रूरत नहीं होती। PIN सिर्फ़ पैसे भेजते समय डलता है।

5. दिवाली लकी ड्रॉ और गिफ़्ट लिंक

WhatsApp पर “कंपनी की 50वीं सालगिरह पर दिवाली गिफ़्ट, 5 ग्रुप में शेयर करें” जैसे मैसेज आते हैं। ये आपकी जानकारी चुराने या नकली ऐप डलवाने के लिए होते हैं।

बचाव: ऐसे लिंक न खोलें, आगे न भेजें। कोई कंपनी “शेयर करो और जीतो” के लिए आपकी बैंक जानकारी नहीं माँगती।

6. नकली कस्टमर केयर नंबर

रिफ़ंड न आने पर लोग Google पर “कस्टमर केयर नंबर” खोजते हैं और ठगों के डाले नकली नंबर पर कॉल कर बैठते हैं। फिर “रिफ़ंड के लिए” कोई ऐप (AnyDesk, स्क्रीन शेयर) डलवाया जाता है।

बचाव: कस्टमर केयर से सिर्फ़ ऐप या वेबसाइट के Help/Support सेक्शन से संपर्क करें। रिफ़ंड के लिए कभी स्क्रीन शेयर ऐप न डालें।

7. “कैश ऑन डिलीवरी” पर नकली या ख़ाली डिब्बा

बिना ऑर्डर किए कोई पार्सल आए और COD पैसे माँगे – पहले जाँचें कि आपने या घर में किसी ने ऑर्डर किया था या नहीं।

बचाव: अनजान COD पार्सल न लें। महँगे सामान की “Open box delivery” का विकल्प हो तो उसे चुनें।

8. नकली ऐप और APK फ़ाइल

“सेल का स्पेशल ऐप” या “बिजली बिल अपडेट.apk” जैसी फ़ाइलें WhatsApp पर भेजी जाती हैं। इंस्टॉल होते ही ये आपके SMS और OTP पढ़ सकती हैं।

बचाव: ऐप सिर्फ़ Play Store/App Store से डालें। WhatsApp पर आई .apk फ़ाइल कभी इंस्टॉल न करें।

सुरक्षित ऑनलाइन शॉपिंग के लिए 6 आदतें

करें न करें
ऐप ख़ुद खोलकर सामान खोजें विज्ञापन या SMS के लिंक से ख़रीदारी
UPI में पैसे भेजने से पहले नाम पढ़ें पैसे लेने के लिए PIN डालना
बैंक SMS/ऐप अलर्ट चालू रखें OTP, CVV, PIN किसी को बताना
ऑनलाइन ख़रीदारी के लिए कम बैलेंस वाला अलग खाता/कार्ड बड़ी बचत वाले खाते से हर जगह भुगतान
सामान की रिव्यू और बेचने वाले की रेटिंग देखें “सिर्फ़ आज” के दबाव में जल्दबाज़ी
शक हो तो परिवार से पूछें अकेले घबराकर फ़ैसला

धोखा हो जाए तो तुरंत क्या करें?

  1. 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
  2. बैंक को बताकर कार्ड/UPI ब्लॉक करवाएं।
  3. स्क्रीनशॉट, वेबसाइट का पता, ट्रांज़ैक्शन ID संभालकर रखें।

पूरा तरीका: UPI Fraud Complaint कैसे करें? | गलत खाते में पैसा गया हो तो: गलत UPI पर पैसा चला गया?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

कैसे पहचानें कि वेबसाइट असली है?

पता ध्यान से पढ़ें, संपर्क और रिटर्न पॉलिसी देखें, और नाम के साथ “reviews” या “fraud” लिखकर Google पर खोजें। ताला (https) होना ही असली होने की गारंटी नहीं है।

कैश ऑन डिलीवरी ज़्यादा सुरक्षित है?

नकली वेबसाइट पर पैसा फँसने का ख़तरा कम होता है, पर ख़ाली या नकली डिब्बे का ख़तरा रहता है। भरोसेमंद वेबसाइट सबसे ज़रूरी है।

क्या ठगी का पैसा वापस मिल सकता है?

जल्दी शिकायत करने पर पैसा रुकने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए पहले कुछ घंटों में 1930 पर कॉल करना सबसे ज़रूरी है।

निष्कर्ष

दिवाली की ख़रीदारी में सबसे बड़ा बचाव है लिंक से नहीं, ऐप से ख़रीदना; पैसे लेने के लिए कभी PIN न डालना; और OTP किसी को न बताना। यह लेख परिवार के साथ ज़रूर शेयर करें – ख़ासकर बुज़ुर्गों और बच्चों के साथ।

नोट: यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। जानकारी 28 अक्टूबर 2026 तक की है।

सुबोध कुमार

लेखक: सुबोध कुमार

कंप्यूटर, AI, मोबाइल और ऑनलाइन सुरक्षा पर आसान हिंदी में लिखते हैं। रोज़ के काम आने वाली बातें, जाँची-परखी जानकारी के साथ। मेरे बारे में · मुफ़्त टूल · Facebook

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